फूड ब्लॉग
अगर देखा जाए तो घर की रसोई भी एक प्रयोगशाला ही है ,
जहां रोज नए - नए व्यंजन गढ़े जाते है। स्वाद की कसौटी पर
अगर वह व्यंजन खरा उतरता है, तो उसकी रेसिपी किसी और
के किचन में भी पहुंच जाती है। एक ऐसी ही रेसिपी साझा की
है मैने अपनी रसोई से।
घी का घी और
सब्जी भी कमाल
अगर आपके घर में भी मलाई से घी बनाने का काम होता है,
तो आपने खुरचन का नाम भी जरूर सुना होगा।
मलाई से घी निकालने के बाद बर्तन की तली में जो रवादार - सा पर्दाथ बच जाता है,
वहीं तो खुरचन है।
घी निकालने के बाद अक्सर लोग इस खुरचन को बेकार समझ कर फेंक देते है या फिर कुछ लोग चीनी मिला कर इसे एसी खा लेते है।
लेकिन मेरी दादी ऐसा बिल्कुल भी नहीं करती थी।
मुझे याद है,जब वो खूब सारा खुरचन इकट्ठा कर लेती थी,
तो सुजी या मेवे वाले लड्डू बनाया करती थी।
और हां,कभी - कभी मीठे वाले पराठे भी बना दिया करती थी।
हम सब भाई - बहनों को खुरचन वाला पराठा खास पसंद था,
लेकिन उसे बना नहीं पाते थे।
फिर काफी सालो बाद मुझे अपने एक रिश्तेदार के घर खुरचन की एक नायाब रेसिपी का स्वाद लेने का मौका मिला।
पहले तो मुझे भान ही नहीं रहा कि में क्या खा रहा हूं!
खाना खतम भी हो गया और में मन्न ही मन यह जानने की कोशिश में लगा रहा की जो सब्जी मेरी थाली में है,
वह है किस चीज की?
पहले तो मुझे लगा,
जैसे पनीर भूजी के रूप में मै कोई तरी वाली सब्जी खा रहा हूं,
लेकिन वह पूरी तरह से पनीर की सब्जी भी नहीं लग रही थी।
आखिर में,जब मुझसे रहा नहीं गया , तो मैने उसकी रेसिपी पूछ ही डाली।
जैसे ही मुझे पता चला कि इसमें पनीर नहीं खुरचन है,
तो काफी आशचर्य हुआ।
अब से पहले मैने खुरचन के लड्डू और पराठे ही खाए थे।
यह पहला मोका था,
जब मैने इसकी सब्जी खाई थी।
पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने उसे बनाने का तरीका बताया, तो मेरी उत्सुकता बढ़ती गई।
आज वो रेसिपी में आप लोगो से साझा करना चाहूंगा।
अगर आपके पास एक कप खुरचन है, तो इसके लिए एक पयाज,
दो टमा टर, लहसुन की 2-3 कलिया, एक छोटा टुकड़ा अदरक, दो हरी मिर्च और 7-8 काजू ले।
सबको एक साथ बारीक पीस लें।
एक पैन में एक बड़ा चममच तेल गर्म करें।
जीरा,एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, दो लौंग और एक इलायची डाले।
जब ये हल्के भुन्न जाएं, तो इसमें प्याज वाले पेस्ट को डाले और मंद आच पर चलाते हुए भुने।
मिश्रण से जब तेल छोड़ने लगे, तो इसमें एक छोटा चम्मच धनिया पावडर, आधा चम्मच हल्दी पावडर,आधा चम्मच जीरा पाउडर डालें।
अगर ज्यदा तीखा पसंद है, तो इसमें आवश्यकतानुसार मिर्च पाउडर भी मिला ले।
मसाले जब भुन जाएं, तो इसमें आधा कप पानी मिलाएं।
तरी में जब उबाल आने लगे,तो इसमें खुरचन को मिला ले।
एक उबाल आने के बाद गैस बंद कर दे।
नोट:- घी बनाते समय आपको यह ध्यान रखना होगा कि खुरचन हल्का पीलापन लिए हुए हो, जो देखने में कुछ - कुछ पनीर के रंग का ही लगे।
जले हुए खुरचन का इस्तेमाल ना करे।
तो आपने खुरचन का नाम भी जरूर सुना होगा।
मलाई से घी निकालने के बाद बर्तन की तली में जो रवादार - सा पर्दाथ बच जाता है,
वहीं तो खुरचन है।
घी निकालने के बाद अक्सर लोग इस खुरचन को बेकार समझ कर फेंक देते है या फिर कुछ लोग चीनी मिला कर इसे एसी खा लेते है।
लेकिन मेरी दादी ऐसा बिल्कुल भी नहीं करती थी।
मुझे याद है,जब वो खूब सारा खुरचन इकट्ठा कर लेती थी,
तो सुजी या मेवे वाले लड्डू बनाया करती थी।
और हां,कभी - कभी मीठे वाले पराठे भी बना दिया करती थी।
हम सब भाई - बहनों को खुरचन वाला पराठा खास पसंद था,
लेकिन उसे बना नहीं पाते थे।
फिर काफी सालो बाद मुझे अपने एक रिश्तेदार के घर खुरचन की एक नायाब रेसिपी का स्वाद लेने का मौका मिला।
पहले तो मुझे भान ही नहीं रहा कि में क्या खा रहा हूं!
खाना खतम भी हो गया और में मन्न ही मन यह जानने की कोशिश में लगा रहा की जो सब्जी मेरी थाली में है,
वह है किस चीज की?
पहले तो मुझे लगा,
जैसे पनीर भूजी के रूप में मै कोई तरी वाली सब्जी खा रहा हूं,
लेकिन वह पूरी तरह से पनीर की सब्जी भी नहीं लग रही थी।
आखिर में,जब मुझसे रहा नहीं गया , तो मैने उसकी रेसिपी पूछ ही डाली।
जैसे ही मुझे पता चला कि इसमें पनीर नहीं खुरचन है,
तो काफी आशचर्य हुआ।
अब से पहले मैने खुरचन के लड्डू और पराठे ही खाए थे।
यह पहला मोका था,
जब मैने इसकी सब्जी खाई थी।
पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने उसे बनाने का तरीका बताया, तो मेरी उत्सुकता बढ़ती गई।
आज वो रेसिपी में आप लोगो से साझा करना चाहूंगा।
अगर आपके पास एक कप खुरचन है, तो इसके लिए एक पयाज,
दो टमा टर, लहसुन की 2-3 कलिया, एक छोटा टुकड़ा अदरक, दो हरी मिर्च और 7-8 काजू ले।
सबको एक साथ बारीक पीस लें।
एक पैन में एक बड़ा चममच तेल गर्म करें।
जीरा,एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, दो लौंग और एक इलायची डाले।
जब ये हल्के भुन्न जाएं, तो इसमें प्याज वाले पेस्ट को डाले और मंद आच पर चलाते हुए भुने।
मिश्रण से जब तेल छोड़ने लगे, तो इसमें एक छोटा चम्मच धनिया पावडर, आधा चम्मच हल्दी पावडर,आधा चम्मच जीरा पाउडर डालें।
अगर ज्यदा तीखा पसंद है, तो इसमें आवश्यकतानुसार मिर्च पाउडर भी मिला ले।
मसाले जब भुन जाएं, तो इसमें आधा कप पानी मिलाएं।
तरी में जब उबाल आने लगे,तो इसमें खुरचन को मिला ले।
एक उबाल आने के बाद गैस बंद कर दे।
नोट:- घी बनाते समय आपको यह ध्यान रखना होगा कि खुरचन हल्का पीलापन लिए हुए हो, जो देखने में कुछ - कुछ पनीर के रंग का ही लगे।
जले हुए खुरचन का इस्तेमाल ना करे।
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