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चौलाई कोकोनट खीर की विधि |

सामग्री :- लो फैट दूध २२० मिली  भिगोई हुई चौलाई 100 ग्राम  ट्रडिशनल दूध की रबड़ी ३० मिली  सूखा ताजा नारियल 15 ग्राम  नारियाल पाउडर 5 ग्राम  ऑस्ट्रेलियन आमंड फ्लेक्स 15 ग्राम  भुने हुए अखरोट 15 ग्राम  ताज़ी पुदीना पतिया  विधि  दूध को तब तक उबाले,जब तक की ये अछि तरह उबल कर गाड़ा और लगभग आधा न रह जाए|  अब इसमें भिगोई हुई चौलाई मिलाये (चौलाई का सेवन सर्दिओ मे बहुत लाभकारी माना जाता है| इससे शरीर को गर्माहट मिलती है और वजन घटाने मे भी यह मददगार है) चौलाई को दूध मे तब तक पकाये,जब तक की यह अच्छी तरह गाड़ा न दिखने लगे | अब इसमें नारियल और ऑस्टेर्लियन आमंड फ्लेक्स मिला कर चलाये |  एक बार जब खीर पक जाये तो इसमें सूखा नारियल पाउडर और दूध की रबड़ी मिलाये | ऊपर से पुदीने की पत्तियों और कैरेमलाइज्ड अखरोट से सजाये| ग्लास के जार मे सर्व करे क्योकि इसमें देर तक स्वाद बरक़रार रहता है और डेजट का शेप भी नहीं बिगड़ता | गर्म या ठंडा, अपनी पसंद के अनुसार सर्व करे | 

अपने खूबसूरती निखार के लिए करें आलू का उपयोग

विटामिन,मिनरल,आयरन,आदि गुणों से भरपूर होता है आलू।इससे त्वचा,बालों तथा अन्य सौंदर्य समस्याओं का घर बैठे आसानी से कम लागत में प्रभावी उपचार किया जा सकता है। कैसे आइये जाने ब्यूटी टिप्स • आलू में मौजूद हल्के ब्लीचिंग गुणों की वजह से यह हायपर पिगमेटेंसन्न को रोकता है तथा त्वचा की रंगत में निखार लाता है। इसका एक एंजाइम त्वचा में ताजगी और चमक लाता है तथा चेहरों पर काले  धबबों व किल - मुंहासों को रोकता हैं। आलू में विद्यमान विटामिन - सी त्वचा में कोलाजन कोशिकाओं को बढ़ाकर समय से पहले चेहरे की झुरियो व बुढ़ापे को रोकने में मददगार है। • अनुसंधानों में पाया गया है कि आलू में विद्यमान पोष्टिक तत्वों से वजन कतई नहीं बढ़ता। आलू को अगर छिलके सहित उबाल कर खाया जाए तो वजन को नियंत्रित रखता है। • आधे आलू के रस में एक अंडे का सफेद हिस्सा मिलाकर मिश्रण बना ले तथा इस मिश्रण को चेहरे पर आधा घंटा तक लगा कर चेहरे को साफ ताजे पानी से धो डाले। इससे चेहरे पर खींचाव आयेगा तथा आप जवा दिखाई देंगे। • आधे आलू के रस में दो चम्मच दूध मिलाकर बने मिश्रण को कोटन से पूरे चेहरे तथा गर्दन पर लगाएं औ...

कफ से राहत के लिए घरेलू नुस्खे।

कफ में राहत देते हैं देसी नुस्खे ठंड का मौसम शुरू होते ही लोगो में कफ, खासी और जुकाम की परेशानी शुरू हो जाती है। एसे में कुछ लोग बिना डॉक्टर सलाह के खुद से ही दवा लेने लगते हैं। इस प्रकार दवा लेते रहने से कफ पूरी तरह से ठीक नहीं होता। हा, नजला,खासी जरूर रुक जाती हैं। परन्तु कफ नहीं । शरीर में जमा यही कफ संक्रमण का कारण हो जाता है। घर में ऐसा कोई नहीं होगा,जिसको सर्दियों में कफ की समस्या से दो - चार न होना पड़ा हो। ठंड के बढ़ते ही लोगो में कफ,जुकाम आदि की परेशानी बड़ जाती है और इसमें राहत पाने के लिए कुछ लोग खुद से ही दवा लेने लगते हैं। दवा से नजला,खासी तो रुक जाते हैं, मगर कफ शरीर में ही रह जाता है। कफ यदि शरीर से नहीं निकलता ,तो यह सेहत के लिए बहुत धातक सिद्ध हो सकता हैं। शरीर में बैठा कफ शरीर को कमजोर करता है। ये खून की कमी कर सकता है तथा ये सांस लेने में भी दिक्कत कर सकता हैं। इससे शरीर में दर्द की समस्या हो सकती है। यही नहीं, इससे आलस्य और अवसाद भी पैदा होता है। यदि शरीर में कफ बहुत जयदा बड़ जाए तो दिमाग तक काम करना कम कर देता है। शरीर में कफ की अधिकता से उन लोगो को बहुत नुकस...

परवल की मिठाई की विधि ।

सामग्री • परवल - 15 • चीनी - अवस्कतानुसर • पानी - 1कप भरावन के लिए • खोया - 250 ग्राम • चीनी का पाउडर -50 ग्राम • बादाम -30 • पिस्ता -1 चम्मच • इलायची -8 विधि परवल को हल्का छीलकर धो ले। दोनों किनारों को काट कर बीच से कट लगा दें। छोटे चम्मच की मदद से परवल के बीज को बाहर निकाल दें। एक सोस्पैन में पानी उबाले। जब पानी उबलने लगे तो उसमे परवल डाले और तीन से चार मिनट तक उबालें। गैस ऑफ करें। पैन को ढक दें। आधे घंटे बाद पानी छानकर परवल को निकाल लें। एक दूसरे सोस्पेन में पानी और चीनी डालकर मिलाएं। जब चीनी पूरी तरह से घुल जाए तो परवल को उस पैन में डाले। जब परवल का रंग बदलने लगे तो गैस ऑफ करें। सॉस पैन को ढक दे और परवल को एक घंटे के लिए चाशनी में छोॾ दे। भरावन के लिए एक चौड़े पैन में खोया डाले और रंग बदलने तक उसे मद्यम आंच पर भूनें। गैस ऑफ कर दे। इलायची पाउडर बनाए। बादाम को ग्राइंडर में पीस लें। पिस्ता को लंबाई में काट लें। खोया ठनदा हो जाए तो इलायची पाउडर और बादाम डाल कर अच्छे से मिलाएं। परवल को चाशनी से निकालकर प्लेट में रखें। अतरिक्त चाशनी निकाले।...

पोषण से भरा परवल

तरह - तरह के पोषक तत्वों से भरा परवल स्वाद के लिहाज से से भी पीछे नहीं हैं। कैसे इससे तरह - तरह की डिशेज बनाए, बता रही है प्रतिभा पाराशर अचारी आलू परवल कितने लोगो के लिए :- 04 कुकिंग टाइम  :-50मिनट सामग्री • लंबाई में कटा परवल -400 ग्राम • लंबाई में कटा आलू -3 • बारीक कटा प्याज -1 • बारीक कटा टमाटर -1 • सरसो तेल -2 चम्मच  • कलौंजी -1/2 चम्मच • हल्दी -1/2चममच • अमचूर पाउडर -1/2 चम्मच • नमक - स्वाद नुसार सूखा भूनने के लिए  • साबुत धनिया -1 चम्मच • जीरा -1/2 चम्मच • सौंफ -1/2 चम्मच • सरसों -1/2 चम्मच • कलौंजी - 1/2 चम्मच • मेथी -1/4 चम्मच • सूखी लाल मिर्च -3 विधि मधम्म आंच पर तवा गर्म करे और सभी साबुत मसाले व लाल मिर्च भुन ले। भूनने के बाद इन्हें ग्राइंडर में डालकर पीस ले। प्रेशर कुकर में सरसो का तेल गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें कलौंजी डाले। अब कुकर में प्याज डाले और सुनहरा होने तक भूनें। उसके बाद कुकर में टमाटर , आलू व परवल डाले। तेज आंच पर चार से पांच मिनट तक पकाएं। हल्दी, मसालों का पाउडर और आमचूर डालकर ...

शुरू हो चुकी हैं क्रिसमस केक - मिक्सिंग

क्रिसमस केक बनाने से पहले उसकी सामग्री को तेयार करना बहुत जरूरी होता है। केक - मिक्सिंग की तैयारी कई हफ्तों पहले ही शुरू हो जाती है। चलिए जानते है कई प्रकार की सामग्रियों को मिलाकर बनने वाले इस केक की तैयारियों के बारे में। हर साल दिल्ली - एनसियार में केक - मिक्सिंग सेरेमनी बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है और इसी उत्साह के साथ क्रिसमस का जोश और भी बढ़ जाता है। तो चलिए देखते है इस साल केक - मिक्सिंग सेरमनी में क्या खास होने जा रहा है - महिलाओं का जादू गुड़गांव बानी इस्थित होटल हिल्टन गार्डन इन में हाल ही में आयोजित केक - मिक्सिंग समारोह का उद्देश्य सभी युवा महिलाओं को सशक्त बनाना था। यहां सभी ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया और अन्य प्रतिभागियों को पोट्साहित भी किया। दिल्ली के रोहिणी स्थित क्राउन प्लाजा में आयोजित समारोह महिला सशक्तीकरण पर केन्द्रित था। यहां पहुंचने वाले मेहमानों ने केक - मिक्सिंग समारोह में मेवों के अंदर लिकर, जूस, लेमन जेस्ट, ऑरेंज जेस्ट और मसाले जैसे दालचीनी पाउडर, लौंग पाउडर और इलायची पाउडर आदि को मिलाया। पारंपरिक जायका दिल्ली स्तिथ ताज पैलेस म...

घी का घी और सब्जी भी कमाल। घी के खुरचन कि लाजवाब डिस

फूड ब्लॉग अगर देखा जाए तो घर की रसोई भी एक प्रयोगशाला ही है , जहां रोज नए - नए व्यंजन गढ़े जाते है। स्वाद की कसौटी पर  अगर वह व्यंजन खरा उतरता है, तो उसकी रेसिपी किसी और के किचन में भी पहुंच जाती है। एक ऐसी ही रेसिपी साझा की  है मैने अपनी रसोई से । घी का घी और सब्जी भी कमाल अगर आपके घर में भी मलाई से घी बनाने का काम होता है, तो आपने खुरचन का नाम भी जरूर सुना होगा।  मलाई से घी निकालने के बाद बर्तन की तली में जो रवादार - सा पर्दाथ बच जाता है, वहीं तो खुरचन है। घी निकालने के बाद अक्सर लोग इस खुरचन को बेकार समझ कर फेंक देते है या फिर कुछ लोग चीनी मिला कर इसे एसी खा लेते है। लेकिन मेरी दादी ऐसा बिल्कुल भी नहीं करती थी। मुझे याद है,जब वो खूब सारा खुरचन इकट्ठा कर लेती थी, तो सुजी या मेवे वाले लड्डू बनाया करती थी। और हां,कभी - कभी मीठे वाले पराठे भी बना दिया करती थी। हम सब भाई - बहनों को खुरचन वाला पराठा खास पसंद था, लेकिन उसे बना नहीं पाते थे। फिर काफी सालो बाद मुझे अपने एक रिश्तेदार के घर खुरचन की एक नायाब रेसिपी का स्वाद लेने का मौका मिला।...